बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम
प्यारे दोस्तो जैसा कि आपको मालूम है माहे मोहर्रम का चांद नजर आने वाला है और जैसे ही माहे मोहर्रम का चांद नजर आएगा इस्लामिक नए साल का आगाज हो जाएगा। इसलिए आज की इस पोस्ट में हम आपके लिए कुछ चंद दुआएं लेकर आए हैं जिन्हें पढ़कर आप अल्लाह से अपनी हिफाजत की दुआ कर सकते हैं। ,
चांद की पहली रात की दुआ
हर माह चांद की पहली रात येह दुआ पढ़ लीजिये क्यूंकि जब हुज़ूर ﷺ चांद देखते तो येह दुआ पढ़ते थे
اللهم اهلله علينا باليمن والإيمان والسلامة والاسلام ربي وربك الله
तरजमा : ऐ अल्लाह पाक ! इस चांद को हम पर बरकत, ईमान, सलामती और इस्लाम के साथ तुलूअ फ़रमा । मेरा और तेरा रब अल्लाह है।
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नए साल व महीने की दुआ
हज़रते सय्यिदुना अब्दुल्लाह बिन हिशाम رضي الله عنه फ़रमाते हैं नए साल या महीने की आमद पर सहाबए किराम एक दूसरे को येह दुआ सिखाते थे :
اللهم أَدْخِلْهُ عَلينا بِالأمْنِ وَالإيمان وَالسَّلامَةِ وَالإسْلام وَرِضْوَانٍ مِّنَ الرَّحْمن وِجوارٍ مِّنَ الشَّيْطان
तरजमा : ऐ अल्लाह पाक ! इस को हमारे लिये अम्नो ईमान, सलामती व इस्लाम और अपनी रिज़ामन्दी वाला और शैतान से बचाने वाला बना ।
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तमाम तकलीफ़ों और आफ़तों से हिफ़ाज़त की दुआ
हज़रते शाह कलीमुल्लाह शाहजहां आबादी "رحمة الله عليه" फ़रमाते हैं : जो कोई 12 मरतबा येह दुआ पढ़ कर पानी पर दम कर के पी ले, तमाम तक्लीफ़ों और आफ़तों (calamities) से अल्लाह पाक की हिफ़ाज़त में रहेगा ।
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| Taklif or aafto musibat se hifhazat ki dua |
तरजमा : मीज़ान के भरने, इल्मे मुन्तहा, मब्लगे रिज़ा और अर्श के वज़न के बराबर अल्लाह की पाकी है । पनाह गाह और मक़ामे नजात अल्लाह ही की तरफ़ से है । हर जुफ्त व ताक़ और अल्लाह पाक के तमाम कामिल कलिमात के बराबर उस की पाकी है। मैं अल्लाह पाक से सलामती और रहमत का सुवाल करता हूं और गुनाह से बचने की कुव्वत और नेकी करने की ताकत अल्लाह ही की तरफ़ से है और अल्लाह काफी है और क्या ही अच्छा कारसाज़ है और क्या ही अच्छा वाली और क्या ही अच्छा मददगार है। अल्लाह पाक की रहमत हो अपनी मख़लूक में सब से बेहतर मुहम्मद ﷺ पर, इन की आल पर और तमाम सहाबए किराम पर।
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आज हमने क्या सीखा
आज आपने चांद रात की दुआ और इसके अलावा भी बहुत कुछ जाना है । अगर आपको हमारी पोस्ट थोड़ी भी जरूरी लगे तो इसे अपने फॅमिली और दोस्तों के साथ भी शेयर करे ताकि उन्हे भी चांद रात की दुआ मालूम हो जाए और वह भी अल्लाह को राज़ी कर सके ।
रोजे की नियत की दुआ और रोजे की फजीलत
आयतल कुर्सी हिंदी में तर्जुमा के साथ वह आयतल कुर्सी की फजीलत तफसीर और हदीस में बयान
रमजान का चांद देखने की दुआ और चांद देखने के बारे में जरूरी मालूमात



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