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दुरूद शरीफ़ की फजीलत || Durood Sharif's Fazilat by Islamic creation

दुरूद शरीफ़ की फजीलत || Durood Sharif's Fazilat 

ख़ातिमुल मुर्सलीन, रहमतुल्लिल आलमीन, शफीउल मुज्निबीन, अनीसुल गरीबीन, सिराजुस्सालिकीन, महबूबे रब्बुल आलमीन, जनाबे सादिको अमीन ﷺ का फ़रमाने मरिफरत निशान है, जब जुमा'रात का दिन आता है अल्लाहतआला फ़िरिश्तों को भेजता है जिन के पास चांदी के कागज़ और सोने के क़लम होते हैं, वोह लिखते हैं, कौन यौमे जुमा 'रात और शबे जुमुआ मुझ पर कसरत से दुरूदे पाक पढ़ता है।
(कन्जुल उम्माल, जिल्दः1, स-फ़हाः250, हदीस:2174)

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