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Gunah-e-Kabira Kon Se Hain | गुनाह-ए-कबीरा कौन से हैं – मुकम्मल लिस्ट (Quran & Hadees)

Gunah-e-Kabira Kon Se Hain | गुनाह-ए-कबीरा कौन से हैं – मुकम्मल लिस्ट (Quran & Hadees), IslamicCreation.com
Gunah-e-Kabira Kon Se Hain | गुनाह-ए-कबीरा कौन से हैं – मुकम्मल लिस्ट (Quran & Hadees)
⚠️ IslamicCreation.com
إِن تَجْتَنِبُوا كَبَائِرَ مَا تُنْهَوْنَ عَنْهُ نُكَفِّرْ عَنكُمْ سَيِّئَاتِكُمْ
— क़ुरआन, सूरह निसा: 31
10
गुनाह-ए-कबीरा
7
हदीस से साबित
5
तौबा के क़दम
📖
Quran+Hadees
Islamic Knowledge — Aqeedah
गुनाह-ए-कबीरा कौन से हैं?
Gunah-e-Kabira Kon Se Hain – Mukamal List (Quran & Hadees Se)
10 बड़े गुनाहों की मुकम्मल लिस्ट — हर गुनाह पर दलील, अंजाम और तौबा का तरीक़ा — अरबी, Roman और हिंदी में।
⚠️ 10 Kabira Gunah ✅ Quran+Hadees 🤲 Taubah Guide
📖 पढ़ें और सँभलें!
IslamicCreation.com📅 जून 20, 2026

Gunah-e-Kabira Kon Se Hain | गुनाह-ए-कबीरा कौन से हैं – मुकम्मल लिस्ट (Quran aur Hadees Ki Roshni Mein)

गुनाह-ए-कबीरा Gunah-e-Kabira — Mukamal List | Quran aur Hadees Se IslamicCreation.com | क़ुरआन और हदीस की रोशनी में
🕌 गुनाह-ए-कबीरा — इस्लाम में बड़े गुनाह — मुकम्मल लिस्ट | IslamicCreation.com
⚠️ गुनाह-ए-कबीरा — वो बड़े गुनाह जिनसे अल्लाह ने क़ुरआन में ख़बरदार किया। क्या आप जानते हैं इस्लाम में कितने बड़े गुनाह हैं? बहुत से मुसलमान अनजाने में बड़े गुनाह करते रहते हैं। इस पोस्ट में 10 गुनाह-ए-कबीरा की मुकम्मल लिस्ट — हर एक पर क़ुरआन और हदीस की दलील, अंजाम और तौबा का तरीक़ा — सब मिलेगा। अल्लाह हम सबको माफ़ करे! 🤲

📖 गुनाह-ए-कबीरा क्या होता है?

📖 क़ुरआन — सूरह निसा: 31
إِن تَجْتَنِبُوا كَبَائِرَ مَا تُنْهَوْنَ عَنْهُ نُكَفِّرْ عَنكُمْ سَيِّئَاتِكُمْ
"In tajtaniboo kabaa'ira maa tunhawna 'anhu nukaffir 'ankum sayyi'aatikum"
तर्जुमा: "अगर तुम उन बड़े गुनाहों से बचे रहो जिनसे तुम्हें मना किया गया है — तो हम तुम्हारे छोटे गुनाह माफ़ कर देंगे।"
📚 सूरह निसा: 31

उलमा ने कहा: वो गुनाह जो कबीरा है जिस पर क़ुरआन या हदीस में: (1) लानत, (2) जहन्नम का ज़िक्र, (3) हद की सज़ा, या (4) ग़ज़ब का ज़िक्र हो।

⚖️ कबीरा vs सग़ीरा — फ़र्क़ क्या है?

🔴 गुनाह-ए-कबीरा (बड़े गुनाह)
🔴 जिस पर हद की सज़ा हो
🔴 जिस पर जहन्नम का ज़िक्र हो
🔴 जिस पर लानत हो
🔴 जिस पर अल्लाह का ग़ज़ब हो
🔴 सिर्फ़ सच्ची तौबा से माफ़ी
🔴 मिसाल: शिर्क, क़त्ल, ज़िना
🟢 गुनाह-ए-सग़ीरा (छोटे गुनाह)
🟢 हद की सज़ा नहीं
🟢 नेकियों से माफ़ होते हैं
🟢 5 नमाज़, जुमे से माफ़
🟢 रमज़ान से माफ़
🟢 बार-बार करने पर कबीरा बनते हैं
🟢 मिसाल: ग़ैबत, वक़्त ज़ाया करना

📋 10 गुनाह-ए-कबीरा — मुकम्मल लिस्ट (Quran & Hadees)

नबी ﷺ ने फ़रमाया: "सात हलाक करने वाली चीज़ों से बचो।" पूछा: "क्या हैं?" फ़रमाया: "अल्लाह के साथ शिर्क, जादू-टोना, जिस नफ़्स का क़त्ल अल्लाह ने हराम किया, सूद खाना, यतीम का माल खाना, मैदान-ए-जंग से भागना, पाकीज़ा मोमिन औरत पर झूठा बुहतान।"

📚 (बुख़ारी: 2766, मुस्लिम: 89) — यह 7 सबसे बड़े गुनाह हैं
1
No. 1
Sabse Bada Gunah | सबसे बड़ा गुनाह
🚫 शिर्क — अल्लाह के साथ शरीक करना
إِنَّ اللَّهَ لَا يَغْفِرُ أَن يُشْرَكَ بِهِ وَيَغْفِرُ مَا دُونَ ذَٰلِكَ لِمَن يَشَاءُ
"Innal-laaha laa yaghfiru an yushraka bihee wa yaghfiru maa doona dhaalika liman yashaaa'"
हिंदी तर्जुमा: "बेशक अल्लाह शिर्क माफ़ नहीं करता — और इसके सिवा जो चाहे माफ़ करता है।" (सूरह निसा: 48)

शिर्क — यानी अल्लाह के साथ किसी को शरीक करना — इस्लाम का सबसे बड़ा गुनाह है। क़ब्रों से माँगना, बुतों की पूजा, तावीज़ात जिनमें ग़ैर-अल्लाह से मदद माँगी जाए — यह सब शिर्क के दायरे में आते हैं।

⚠️
अंजाम: बिना तौबा शिर्क पर मरने वाले की जन्नत हराम है — जहन्नम यक़ीनी। (सूरह माइदा: 72)
📚 (सूरह निसा: 48, सूरह माइदा: 72, बुख़ारी: 2766)
2
No. 2
Kabira Gunah
🔮 जादू-टोना (Sihr)
وَاتَّبَعُوا مَا تَتْلُو الشَّيَاطِينُ ۚ وَمَا كَفَرَ سُلَيْمَانُ وَلَٰكِنَّ الشَّيَاطِينَ كَفَرُوا يُعَلِّمُونَ النَّاسَ السِّحْرَ
"Wattaba'oo maa tatlusha-shayaateenu... wa maa kafara Sulaymanu wa laakinash-shayaateena kafaroo yu'allimoona-n-naassas-sihr"
हिंदी तर्जुमा: "उन्होंने उसका अनुसरण किया जो शैतान पढ़ते थे... और लोगों को जादू सिखाते थे।" (सूरह बक़रा: 102)

जादू-टोना सीखना, सिखाना और करवाना — हराम है। सिफ़्ली अमल, तावीज़ात जिनमें जिन्नात या शैतान से मदद ली जाए — यह सब "सिह्र" के दायरे में हैं।

⚠️
अंजाम: जादूगर की सज़ा — इस्लामी शरीअत में सिर क़लम करना है। (तिर्मिज़ी: 1460)
📚 (सूरह बक़रा: 102, बुख़ारी: 2766)
3
No. 3
Kabira Gunah
🩸 नाहक़ क़त्ल (Naahaq Qatl)
وَمَن يَقْتُلْ مُؤْمِنًا مُّتَعَمِّدًا فَجَزَاؤُهُ جَهَنَّمُ خَالِدًا فِيهَا وَغَضِبَ اللَّهُ عَلَيْهِ وَلَعَنَهُ
"Wa may-yaqtul mu'minan muta'ammidan fa-jazaa'uhoo jahannam khaalidan feehaa wa ghadibAllahu alayhi wa la'anah"
हिंदी तर्जुमा: "और जो किसी मोमिन को जान-बूझकर क़त्ल करे — उसकी सज़ा जहन्नम है जिसमें वो हमेशा रहेगा। अल्लाह उस पर ग़ज़ब और लानत करता है।"
(सूरह निसा: 93)

एक बेगुनाह इंसान का क़त्ल — क़ुरआन में ऐसा है जैसे पूरी इंसानियत का क़त्ल। (सूरह माइदा: 32)

⚠️
अंजाम: जहन्नम + अल्लाह का ग़ज़ब + लानत। इस दुनिया में क़िसास (मौत की सज़ा)।
📚 (सूरह निसा: 93, माइदा: 32, बुख़ारी: 2766)
⚠️ नबी ﷺ की चेतावनी "अल्लाह के साथ शिर्क न करना — चाहे क़त्ल हो जाओ या जलाए जाओ।" 📚 (इब्न माजा: 4034 — हदीस सहीह) 🕌
📚 नबी ﷺ की अहम तरीन चेतावनी — IslamicCreation.com
4
No. 4
Kabira Gunah
💰 सूद (ब्याज / Riba)
يَا أَيُّهَا الَّذِينَ آمَنُوا اتَّقُوا اللَّهَ وَذَرُوا مَا بَقِيَ مِنَ الرِّبَا إِن كُنتُم مُّؤْمِنِينَ
"Yaa ayyuhal-ladheena aamanut-taqullaaha wa dharoo maa baqiya minar-ribaa in kuntum mu'mineen"
हिंदी तर्जुमा: "ऐ ईमान वालो! अल्लाह से डरो और जो सूद बचा हुआ है उसे छोड़ दो — अगर तुम मोमिन हो।" (सूरह बक़रा: 278)

नबी ﷺ ने सूद लेने वाले, देने वाले, लिखने वाले और गवाह — चारों पर लानत की। Bank का interest, EMI में सूद — सब इसमें शामिल है। 💰 क़र्ज़ से निजात — हलाल तरीक़े से।

⚠️
अंजाम: "अल्लाह और उसके रसूल ﷺ से जंग।" (सूरह बक़रा: 279) — इससे बड़ी चेतावनी क्या होगी!
📚 (सूरह बक़रा: 278-279, मुस्लिम: 1598, बुख़ारी: 2766)
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No. 5
Kabira Gunah
👶 यतीम का माल खाना
إِنَّ الَّذِينَ يَأْكُلُونَ أَمْوَالَ الْيَتَامَىٰ ظُلْمًا إِنَّمَا يَأْكُلُونَ فِي بُطُونِهِمْ نَارًا وَسَيَصْلَوْنَ سَعِيرًا
"Innal-ladheena ya'kuloona amwaalal-yataamaa zulman innamaa ya'kuloona fee butoonihin naaran wa sa-yaslauna sa'eera"
हिंदी तर्जुमा: "बेशक जो लोग यतीमों का माल ज़ुल्म से खाते हैं — वो अपने पेट में आग भर रहे हैं — और वो जहन्नम में जाएँगे।" (सूरह निसा: 10)

यतीम — जिसके बाप का इंतिक़ाल हो जाए। उसका माल ग़लत तरीक़े से खाना — बहुत बड़ा गुनाह है।

⚠️
अंजाम: "जहन्नम की आग।" यतीम से मोहब्बत — जन्नत का रास्ता। 👶 बच्चों के हक़ पढ़ें।
📚 (सूरह निसा: 10, बुख़ारी: 2766)
इस्लामिक दुआएँ — गुनाहों से बचाव
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No. 6
Kabira Gunah
👨‍👩‍👧 वालिदैन की नाफ़रमानी
وَقَضَىٰ رَبُّكَ أَلَّا تَعْبُدُوا إِلَّا إِيَّاهُ وَبِالْوَالِدَيْنِ إِحْسَانًا
"Wa qadaa rabbuka allaa ta'budooo illaa iyyaahu wa bil-waalidayni ihsaana"
हिंदी तर्जुमा: "और तुम्हारे रब ने हुक्म दिया कि सिर्फ़ उसी की इबादत करो — और वालिदैन के साथ अच्छा बर्ताव करो।" (सूरह इसरा: 23)

नबी ﷺ ने फ़रमाया: "सबसे बड़े कबीरा गुनाह — शिर्क, वालिदैन की नाफ़रमानी, झूठी गवाही।"

📚 (बुख़ारी: 2653)
⚠️
अंजाम: वालिदैन की नाफ़रमानी — जन्नत से महरूमी का सबब। वालिदैन की रज़ा = अल्लाह की रज़ा।
📚 (सूरह इसरा: 23, बुख़ारी: 2653)
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No. 7
Kabira Gunah
🚫 ज़िना (व्यभिचार)
وَلَا تَقْرَبُوا الزِّنَىٰ ۖ إِنَّهُ كَانَ فَاحِشَةً وَسَاءَ سَبِيلًا
"Wa laa taqrabuz-zinaa innahoo kaana faahishatan wa saa'a sabeelaa"
हिंदी तर्जुमा: "और ज़िना के क़रीब भी मत जाओ — बेशक यह बेहयाई है और बुरा रास्ता है।" (सूरह इसरा: 32)

क़ुरआन ने "ज़िना न करो" नहीं — "क़रीब भी न जाओ" कहा — यानी वो सब चीज़ें जो ज़िना तक ले जाएँ: बेपर्दगी, मिलना-जुलना, फ़िल्में, social media पर नाजाइज़ रिश्ते — सब इसमें शामिल।

⚠️
अंजाम: दुनिया में हद की सज़ा। आख़िरत में — नबी ﷺ ने ख़्वाब में ज़िनाकारों को तंदूर में अज़ाब देखा। (बुख़ारी: 7047)
📚 (सूरह इसरा: 32, बुख़ारी: 7047)
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No. 8
Kabira Gunah
🍷 शराब (नशा)
يَا أَيُّهَا الَّذِينَ آمَنُوا إِنَّمَا الْخَمْرُ وَالْمَيْسِرُ وَالْأَنصَابُ وَالْأَزْلَامُ رِجْسٌ مِّنْ عَمَلِ الشَّيْطَانِ فَاجْتَنِبُوهُ
"Yaa ayyuhal-ladheena aamanoo innamal-khamru wal-maysiru wal-ansaabu wal-azlaamu rijsum min 'amalish-shaytaani fajtaniboohu"
हिंदी तर्जुमा: "ऐ ईमान वालो! शराब, जुआ, बुत और फ़ाल के तीर — यह सब शैतानी काम हैं — इनसे बचो।" (सूरह माइदा: 90)

नबी ﷺ ने फ़रमाया: "हर नशा आने वाली चीज़ हराम है।" (मुस्लिम: 2003) — शराब, बियर, ड्रग्स, नशे का इंजेक्शन — सब हराम।

⚠️
अंजाम: "शराब पीने वाला — बुत-परस्त की तरह है।" (इब्न माजा: 3375) जन्नत में जाने से रोकता है।
📚 (सूरह माइदा: 90, मुस्लिम: 2003)
9
No. 9
Kabira Gunah
👄 झूठी गवाही और झूठ
وَاجْتَنِبُوا قَوْلَ الزُّورِ
"Wajtaniboo qawlaz-zoor"
हिंदी तर्जुमा: "और झूठ से बचो।" (सूरह हज: 30)

नबी ﷺ ने 3 बार फ़रमाया: "क्या मैं तुम्हें सबसे बड़े कबीरा गुनाह न बताऊँ?" — "शिर्क, वालिदैन की नाफ़रमानी... और झूठी गवाही।" नबी ﷺ यह बात बार-बार दोहराते रहे यहाँ तक कि हम चाहने लगे कि काश आप रुक जाएँ।"

📚 (बुख़ारी: 2654)
⚠️
अंजाम: झूठ — नाफ़रमानी की तरफ़ ले जाता है — नाफ़रमानी जहन्नम की तरफ़। (बुख़ारी: 6094)
📚 (सूरह हज: 30, बुख़ारी: 2654)
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No. 10
Kabira Gunah
🕌 नमाज़ जान-बूझकर छोड़ना
فَخَلَفَ مِن بَعْدِهِمْ خَلْفٌ أَضَاعُوا الصَّلَاةَ وَاتَّبَعُوا الشَّهَوَاتِ ۖ فَسَوْفَ يَلْقَوْنَ غَيًّا
"Fakhalafa mim ba'dihim khalfun adaa'us-salaata wattaba'ush-shahawaati fasawfa yalqawna ghayya"
हिंदी तर्जुमा: "फिर उनके बाद ऐसे लोग आए जिन्होंने नमाज़ बर्बाद की और ख़्वाहिशों के पीछे पड़े — तो वो जल्द 'ग़य्य' देखेंगे।" (सूरह मर्यम: 59)

"ग़य्य" — जहन्नम में एक वादी (घाटी) का नाम है। नबी ﷺ ने फ़रमाया: "इंसान और कुफ़्र-शिर्क के बीच नमाज़ का छोड़ना है।" (मुस्लिम: 82) 🕌 जुमे की नमाज़ ज़रूर पढ़ें।

⚠️
अंजाम: जानबूझकर नमाज़ छोड़ना — उलमा के मुताबिक़ कबीरा गुनाह और बाज़ के नज़दीक कुफ़्र तक पहुँच सकता है।
📚 (सूरह मर्यम: 59, मुस्लिम: 82)
🤲 अल्लाह की रहमत — उम्मीद कभी मत छोड़ो! "إِنَّ اللَّهَ يَغْفِرُ الذُّنُوبَ جَمِيعًا" — अल्लाह सभी गुनाह माफ़ करता है 📚 सूरह ज़ुमर: 53 — सच्ची तौबा से हर गुनाह माफ़ हो सकता है! 🤲
🤲 अल्लाह की रहमत — सच्ची तौबा से हर गुनाह माफ़ हो सकता है | IslamicCreation.com

🤲 तौबा का मुकम्मल तरीक़ा — 5 ज़रूरी क़दम

कोई भी गुनाह हो — अल्लाह की रहमत से उम्मीद कभी मत छोड़ो। लेकिन कबीरा गुनाह के लिए सच्ची तौबा ज़रूरी है:

🤲 तौबा के 5 ज़रूरी क़दम
1
गुनाह फ़ौरन छोड़ें

जिस गुनाह से तौबा करनी है — उसे अभी छोड़ें। अभी नहीं — तो तौबा नहीं।

2
दिल से पछताएँ

"ऐ अल्लाह! मुझे बहुत पछतावा है — काश यह गुनाह न होता।" — यह जज़्बा ज़रूरी है।

3
पक्का इरादा — दोबारा नहीं

दिल से पक्का इरादा — "ऐ अल्लाह! अब यह गुनाह कभी नहीं करूँगा।"

4
बंदों के हक़ अदा करें (अगर ताल्लुक़ हो)

अगर किसी का पैसा खाया — वापस करें। किसी को तकलीफ़ दी — माफ़ी माँगें।

5
इस्तिग़फ़ार की कसरत + नेक अमल

🌙 मुहर्रम में इस्तिग़फ़ार ख़ास तौर पर करें — और नेक अमल शुरू करें।

قُلْ يَا عِبَادِيَ الَّذِينَ أَسْرَفُوا عَلَىٰ أَنفُسِهِمْ لَا تَقْنَطُوا مِن رَّحْمَةِ اللَّهِ ۚ إِنَّ اللَّهَ يَغْفِرُ الذُّنُوبَ جَمِيعًا
"ऐ मेरे वो बंदे जिन्होंने अपने आप पर ज़ुल्म किया — अल्लाह की रहमत से उम्मीद मत छोड़ो। अल्लाह सभी गुनाह माफ़ करता है।"

❓ FAQ — Aksar Puchhe Jane Wale Sawal

Q
Gunah-e-Kabira Kon Se Hain?
7 सबसे बड़े (बुख़ारी: 2766): (1) शिर्क, (2) जादू-टोना, (3) नाहक़ क़त्ल, (4) सूद, (5) यतीम का माल खाना, (6) मैदान-ए-जंग से भागना, (7) पाकीज़ा औरत पर बुहतान। इसके अलावा: वालिदैन की नाफ़रमानी, ज़िना, शराब, नमाज़ छोड़ना, झूठी गवाही।
Q
Sabse Bada Gunah Kaun Sa Hai?
सबसे बड़ा गुनाह — शिर्क है। (सूरह निसा: 48) अल्लाह शिर्क माफ़ नहीं करता — सिवाय तौबा के। इसके बाद: नाहक़ क़त्ल और वालिदैन की नाफ़रमानी। (बुख़ारी: 2653)
Q
Kabira Gunah Ki Maafi Kaise Hoti Hai?
5 क़दम: (1) फ़ौरन गुनाह छोड़ें, (2) दिल से पछताएँ, (3) दोबारा न करने का पक्का इरादा, (4) बंदों के हक़ अदा करें, (5) इस्तिग़फ़ार + नेक अमल। सूरह ज़ुमर: 53 — "अल्लाह सभी गुनाह माफ़ करता है।"
Q
Saghira Gunah Kabira Kab Banta Hai?
सग़ीरा गुनाह — कबीरा 3 तरह से बनता है: (1) बार-बार करने पर (इस्रार), (2) गुनाह को गुनाह न समझने पर, (3) लोगों के सामने शेख़ी से करने पर।
Q
Sood Lena Kitna Bada Gunah Hai?
सूद — क़ुरआन में "अल्लाह और उसके रसूल ﷺ से जंग" (सूरह बक़रा: 279) कहा गया। नबी ﷺ ने फ़रमाया: "सूद के 70+ दरवाज़े हैं — सबसे छोटा वो है जैसे अपनी माँ से ज़िना।" (इब्न माजा: 2274)
Q
Namaz Chhodni Kabira Gunah Hai?
हाँ — जानबूझकर नमाज़ छोड़ना बहुत बड़ा गुनाह है। नबी ﷺ ने फ़रमाया: "इंसान और कुफ़्र के बीच नमाज़ का छोड़ना है।" (मुस्लिम: 82) जुमे की नमाज़ ख़ास तौर पर ज़रूरी है।
Q
Agar Kabira Gunah Ho Jaye To Kya Karein?
फ़ौरन توبة (तौबा) करें। अल्लाह ने वादा किया: "सभी गुनाह माफ़ करता हूँ।" (सूरह ज़ुमर: 53) मुहर्रम में इस्तिग़फ़ार की कसरत करें — यह तौबा का बेहतरीन मौसम है।
Q
Kabira Gunah Kitne Hain Islam Mein?
उलमा में इख़्तिलाफ़ है — 7 से लेकर 70 तक का ज़िक्र मिलता है। सबसे मशहूर हदीस में 7 (बुख़ारी: 2766)। इमाम ज़हबी ने अपनी किताब "الكبائر" में 70 से ज़्यादा लिखे हैं।

🤲 आख़िरी बात — गुनाहों से बचें, तौबा करते रहें

إِنَّ اللَّهَ يَغْفِرُ الذُّنُوبَ جَمِيعًا ۚ إِنَّهُ هُوَ الْغَفُورُ الرَّحِيمُ

"बेशक अल्लाह सभी गुनाह माफ़ करता है — वो बहुत माफ़ करने वाला, रहम करने वाला है।" (सूरह ज़ुमर: 53)

गुनाहों को जानना ज़रूरी है — ताकि हम बच सकें। इन 10 बड़े गुनाहों से बचें — और अगर ग़लती हो जाए — फ़ौरन सच्ची तौबा करें। अल्लाह की रहमत से कभी उम्मीद मत छोड़ें! 🤲

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