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सात खजूरें और नबी की करामात || seven dates and prophets by Islamic creation

 सात खजूरें

सात खजूरें



हज़रते सय्यिदुना इरबाज़ बिन सारिया رضي الله تالا أنه फ़रमाते हैं, गजवए तबूक में एक रात सरवरे काइनात, शाहे मौजूदात, दाफ़ए आफ़ातो बलिय्यात ﷺ ने हज़रते सय्यिदुना बिलाल رضي الله تالا أنه से फ़रमाया, ऐ बिलाल ! तुम्हारे पास कुछ खाने को है ? 

हज़रते सय्यिदुना बिलाल رضي الله تالا أنه ने अर्ज की, हुजूर ! आप के रब की क़सम ! हम तो अपने तोशादान खाली किये बैठे हैं। रहमते आलम, नूरे मुजस्सम, शाहे बनी आदम, रसूले मोहतशम ﷺ ने फ़रमाया, अच्छी तरह देखो और अपने तोशादान झाड़ो शायद कुछ निकल आए। (उस वक्त हम तीन अफ़राद थे) 

सब ने अपने अपने तोशादान झाड़े तो कुल सात खजूरे बर आमद हुईं । आप ﷺ ने उन को एक सफ़हा पर रख कर उन पर अपना दस्ते मुबारक रख दिया, और फ़रमाया, बिस्मिल्लाह पढ़ कर खाओ, 

हम तीनों ने महबूबे दावर ﷺ के दस्ते अनवर के नीचे से उठा कर खूब खाईं, हज़रते सय्यिदुना बिलाल फ़रमाते हैं कि मैं गुठलियां उल्टे हाथ में रखता जाता था, जब मैं ने सैर हो कर उन को शुमार किया तो 54 थीं ! 

इसी तरह इन दोनों सहाबा رضي الله تالا أنه ने भी सैर हो कर खाईं। जब हम ने खाने से हाथ रोक लिया तो सरकारे नामदार ﷺ ने भी अपना दस्ते पुर अनवार उठा लिया।

 वोह सातों खजूरें इसी तरह मौजूद थीं! शहनशाहे खुश ख़िसाल, सुल्ताने शीरीं मकाल, पैकरे हुस्नो जमाल, बे मिस्लो बे मिसाल, अपनी हर सिफत में बा कमाल, महबूबे रब्बे जुल जलाल ﷺ ने फ़रमाया, ऐ बिलाल ! इन को संभाल कर रखो और इन में से कोई न खाए, फिर काम आएंगी । 

हज़रते सय्यिदुना बिलाल رضي الله تالا أنه फ़रमाते हैं, हम ने उन को न खाया, जब दूसरा दिन आया और खाने का वक़्त हुवा तो सरकारे मदीना ﷺ ने वोही सात खजूरें लाने का हुक्म दिया, 

आप ﷺ ने फिर इसी तरह अपना दस्ते मुबारक रखा और फ़रमाया, बिस्मिल्लाह पढ़ कर खाओ ! अब हम दस 10 आदमी थे सब सैर हो गए। हुजूर ताजदारे रिसालत ﷺ ने अपना दस्ते रहमत उठाया तो सात खजूरें ब दस्तूर मौजूद थीं । 

आप ﷺ ने फ़रमाया, ऐ बिलाल ! अगर मुझे हक़ तआला से हया न आ रही होती तो वापस मदीने पहुंचने तक इन ही सात खजूरों से खाते । 

फिर सरकार ﷺ ने वोह खजूरे एक लड़के को अता फरमा दीं। वोह उन्हें खा कर जाता रहा। 

(अल खसाइसुल कुब्रा, जिल्दः2, स-फ़हा:455) 


अल्लाह की उन पर रहमत हो और उन के सदके हमारी मनिफरत हो ।


मीठे मीठे इस्लामी भाइयो ! देखा आपने ! रब्बे काइनात عزوجل ने, शहनशाहे मौजूदात ﷺ को किस क़दर वसीअ इख़्तियारात से नवाज़ा था । सात खजूरों में किस क़दर ब-र-कत हुई कि कई सहाबए किराम رضي الله تالا أنه ने शिकम सैर हो कर तनावुल किया।

मालिके कौनेन हैं गो पास कुछ रखते नहीं
दोजहां की ने 'मतें हैं इन के खाली हाथ में

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